A Journey Through Art, History & Culture
Step into the world of priceless collections gathered by Salar Jund III abd and experience centuries of global heritage under one roof
सालार जंग संग्रहालय का इतिहास
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सालार जंग संग्रहालय का संग्रह ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर बीसवीं शताब्दी ईस्वी के आरंभ तक के मानव परिवेश का प्रतिबिंब है। संग्रहालय में 46,000 से अधिक कलाकृतियाँ, 8,000 से अधिक पांडुलिपियाँ और 60,000 से अधिक मुद्रित पुस्तकें शामिल हैं। इस संग्रह को भारतीय कला, मध्य पूर्वी कला, फारसी कला, नेपाली कला, जापानी कला, चीनी कला और पश्चिमी कला में विभाजित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सालार जंग परिवार को समर्पित एक विशेष गैलरी है, जिसे “संस्थापक गैलरी” कहा जाता है। प्रदर्शित कलाकृतियों को 38 से अधिक दीर्घाओं में विभाजित किया गया है।
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इस संग्रहालय में 46,000 से अधिक कला वस्तुएं, 8,000 से अधिक पांडुलिपियां और 60,000 से अधिक मुद्रित पुस्तकें संग्रहित हैं। इस संग्रह को भारतीय कला, मध्य पूर्वी कला, फारसी कला, नेपाली कला, जापानी कला, चीनी कला और पश्चिमी कला में विभाजित किया गया है।
46,000 +
कला वस्तुएँ
8,000 +
पांडुलिपियों
60,000 +
मुद्रित पुस्तकें
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हैदराबाद का सालार जंग संग्रहालय, सालार जंग परिवार की कला पारखी प्रतिभा का ठोस प्रमाण है। इस संग्रहालय का आधिकारिक उद्घाटन और जनता के लिए आम जनता के लिए उद्घाटन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 16 दिसंबर, 1951 को किया गया था।







